मानवता का व्यक्तित्व - शशिकांत एरी | Manavta Ka Vyaktitva - Shashikant Eri

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Manavta Ka Vyaktitva - Shashikant Eri by आशीष कुमार शुक्ल - Ashish Kumar Shukla

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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

नाम- आशीष कुमार शुक्ल पुत्र श्री शोभा शंकर शुक्ल एवं श्रीमती हीरावती शुक्ला
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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प्रस्तावना समाज दिन - प्रतिदिन अपनी संस्कृति से ओझल होता जा रहा है, मानव तो यहां करोड़ो की संख्या में हैं लेकिन मानवता की संख्या बहुत ही कम है, लोग औरों के लिए नहीं सिर्फ अपने लिए जीना पसंद कर रहें है, हमारा भारतीय समाज जो सबके सुख दृ शान्ति की कामना करता था और सबके सुख में ही अपना सुख समझता था, वह लोग अब सीमित हो गए वह सिर्फ अपने ही सुख की मंगल कामना करते हैं, धर्म का चोला पहनकर घुमते कई लोग मिलेगें लेकिन धार्मिकता का आदर्श कुछ ही में मिलेगा। इन्ही सब पहलुओं को देखते हुए "मानवता का व्यक्तित्व शशीकांत ऐरी नामक जीवन प्रेरित पुस्तक आपके समक्ष आपकी प्रतिष्ठा में आपको समर्पित है। यह पुस्तक शशीकांत ऐरी जी के जीवन पर आधारित प्रेरणा स्रोत पुस्तक है जो व्यक्ति और व्यक्तित्व में अंतर को समझाते हुए मानवतावादी मार्ग को अग्रसित करती है। इस पुस्तक के शब्दों को पिरोने में सबसे बड़ा सहयोग शशी जी का है जिन्होंने मेरी सामाजिक जिज्ञासा को देखते हुए अपने रहस्यात्मक पल को मेरे समक्ष उजागर किया, और साथ ही में मैं डी.ए.वी. महाविद्यालय के बलजीत जी, संदीप जी, पवन व गरविंदर जी का धन्यवाद प्रकट करूंगा जिन्होंने




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