गृह - नक्षत्र | Grih Nakshatra
श्रेणी : ज्योतिष / Astrology

[adinserter block="2"]
Add Infomation AboutTriveni Prasad Singh
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
9.08 MB
कुल पष्ठ :
133
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about त्रिवेणीप्रसाद सिंह - Triveni Prasad Singh
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)द प्रह-नछत्र
कोई ग्रह अथवा नक्तत्र श्राता था, तब उसका लैकोदय समभका जाता था । किसी ग्रह श्रथवा
गचित्र
नच्तत्र के इस वृत्त पर श्राने का समय उस ग्रह झ्रथवा का लंकोदय काल कहां जाता था ।
चित्र-संख्या ३ में दर्शक प्रथ्वी के २५” दक्षिण श्रक्षांश के स्थान पर खड़ा है । |
/ नर हक
वि
|
का.
खगोल का विषुव-वलय, शिरोविन्दु के उत्तर से जाता है । चित्र-संख्या १ में “क' तथा
User Reviews
rakesh jain
at 2020-12-09 10:39:02