संगीत - सम्राट तानसेन जीवन और रचनाएँ | Sangeet Samrat Taansen Jeevan Aur Rachnaye

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Sangeet Samrat Taansen Jeevan Aur Rachnaye by प्रभुदयाल मीतल - Prabhudayal Meetal

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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प्रथम खंड . हानसेन कीं नींवनीं थक आरंमिक कथन--- भारत के महा संगीतज्ञों पर गायकों में तानसेन का नाम सबसे भ्रधिक प्रसिद्ध है। वे मुगल-सम्राट अकबर के दरबारी गायक श्र उनके नवरतनों में से एक थे । भ्रपनी गायन कला के कारण वे इतने विख्यात हुए कि झ्रपने समय के संगीत- सम्राट माने जाते हैं । उनका देहावसान हुए यद्यपि साढ़े तीनसौ वर्ष से भी अ्रधिक हो गये तथापि भारतीय संगीताकादा में उनकी कीति-कौमुदी झ्राज भी वेसी ही व्याप्त है जेसी वह उनके जीवन- काल में थी । श्रश्चयं की बात है ऐसे सुप्रसिद्ध कलाकार के जीवन का प्रामाणिक बवृत्तांत पुर्णत्या उपलब्ध नहीं है । मुसलमानी शासन- काल के कई इतिहास-लेखकों के प्रंथों में प्रसंगवद्द जो त्तानसेन संबंधी उत्लेख मिलते हैं उनमें उनकी गायन कला की तो खुब प्रशंसा की गई है कितु उनके जीवन-वृत्तांत विशेषकर झ्रारंभिक जीवनी पर बहुत कम प्रकाश डाला गया है । उनकी रचनाओं में भी उनके जीवन-वबृत्तांत के बहुत कम सुत्र मिलते हैं यद्यपि उनमें उनके श्राश्रयदाता राजा रामचंद्र श्रौर सम्राट अकबर संबंधी उल्लेख पर्याप्त संख्या में हैं । यही कारण है तानसेन के




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