निरला रचनावली 3 | Nirala Rachnawali-3

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
19.24 MB
कुल पष्ठ :
436
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)भप्सरा को साहित्य में सबसे पहले मन्द गति से सुन्दर-सुक्मार
कवि-मित्र सुमिघ्नानन्दन पन्त की ओर बढ़ते हुए देखा, पन््त की
ओर नही । मैने देखा, पन्तजी की तरफ एक स्नेह-कटाक्ष कर,
सहज फिरकर उसने मुझसे कहा, इन्ही के पास बैठकर इन्ही से
मै अपना जीवन-रहस्य कहूँगी, फिर चली गयी ।--“'निराला'
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