केनोपनिषद | Kenoupnishad

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
116
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)३)
(४)
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(७)
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( १०)(११)
(१२ )है.तृतीय- ( तेडमिमनुवनू० ) ,
चतुथ-[ उदभ्यद्रबत्० ). ,
पत्चम-( तर्सिंमस्त्वयि० )षष्ठ-( सस्मे तृण० ) हा
सप्तम-( कथ वायुमसू० ) ,«
अष्टम-] रद्भ्यद्वबच्० ). +
नवम-( तहब्मिस्त्वयि० ). .,,
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द्वादृश- ( स सस्मिक्नेचा० ) ,,उपसंहार-कारिका --- ब<चतुर्थ: खण्डः ( विपरीवभावनायां फलगव -दोषनिरा प, )उपक्रम-कारिक| ,--- बड(१)
(२)
(४)
(४)
(५)
(६)
(७)
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(५९)प्रथम-( सा ब्द्दोत्ति० ) मन्त्र -व्याख्याद्वितीय-( उस्माद्ठ। एत्ते० ) +»
ठृतीय-( चस्माद्दा इन्द्रो० ) ,,
चतुर्थ-( तस्येष क्ादेशो ० ) ,
पत्मनम-( क्षथाध्यास्ममू? ). ,
पष्ठ- तद्ध तद्दनस्० ) प
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अष्टम-( तस्ये तपो० )नवम-( यो वा पुतास्० )डा9१उपसहार-का रिका;--- «
समर्पण-फारिका ---फेसोपनिपन्मन्त्रानुक़मणिका ३---
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