तय तो यही हुआ था | Tay To Yahi Hua Tha

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
462 KB
कुल पष्ठ :
98
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)गुजरना पड़ा है अंगार को
या बीज, अंकुर, पत्ते या तने वाली
तासीर नहीं होती अंगार की
अंगार से हथेलियाँ जल जाती रह
'हथेलियाँ ही नहीं
खेत, खलिहान, घर, गाँव सब कुछ
भस्म हो जाते हैं ।
पर छोटे को
अंगार के इतिहास से कोई दिलचस्पी नहीं
डसे मतलब है घॉँस-पूस के जल जाने से
आखिरकार
बरसात होने ओर नई घास उगने से पहले
खलिहान की सफाई बहुत जरूरी होती है
जिसकी पुरी जिम्मेदारी
छोटे पर है।
तय तो यहो हुआ था | २४
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