शुक्रनीति | Shukraneeti

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Shukraneeti by शुक्राचार्य - Shukracharya

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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ञ्रीः भाषाटीकासादित शुकनीति- अनुक्रमणिका । >>ेप्स्थ्ट1२<- च 7 कक वरलाताध पार लाश ना आए उनका पा १: न 38 जाए उस 2 मा ' कान 1. हा पार आकार - अप हारा धार २९..ए० ४ 1काए फ़रर एन्‍द शतल पक, दिपय« अध्याय १. यजऊत्य कथन, मंगढाचरण देत्यप्रश्ानंतर शुकोक्ति मद्बोक्त कोदि नीतिशास्का सार शुकनीति संक्षिप्त नीतिशात्नका प्रयोजन ... जन्यशालतत्र एक २कायकारी ... नोतिशासत्र सर्वोपरारी कट नतिशात्रका फछ नीतिशाल्राम्यासक्री आवश्यकता, . . नोविशाघसे कुशलत्वप्राप्ति ... ... व्यवद्वारमें व्याक्रणादिकोंका ... क्षनुपयोग सबलोकब्यवह्ार नीतिके बिना ... नहीं होता है. ... रे सर्वेकल्याणकारक नीतिशास्र ... तह्ां नृपफो अत्यावश्यक गः नीतिद्दीनोंको शत्रु उत्पन्न होते हैँ प्रजापाक्‍न और दुष्टनिप्रह यह राजाका घ्॒म 55% अनौतिसे राजाको भयप्राप्ति सनीतिमान्‌ और स्वतंत्र स्वामीक सेव्राफा ,निपेघ जहां नीति और बल तट्दां लक्ष्मी पिता आज्ञाके छ्वितकारक प्रजा हो ऐसी नीति राजाने घारण री] ००० के 5 5 3 3 ल्‍च ल्‍थ हैं जा >+ >ए/० लए ल् ल्‍ पृष्ठ, छो० |विपय. सब राप्ट्र्‌ परस्पर भेद पानेका अ- नीति द्वीकारणहू.... ... पूवेजन्मके तप्स ही राजाकों सवे सामथ्यप्राप्ति ... -.. --- कालका भेदकारण ... ... ..- इजा काछका कारण... राजदंडमयसे स्वस्वपर्मप्रराति.... ४ स्व ही सबसुखसाथधन ..... ४ (जाकर स्वधर्मे तत्पर करने- *| ब्ाले राजांके देवता सी किंकर है हवे हैं. ... ... -«- रे यद्धिसे अर्थादि .. .... --- 'तराविधतपकथन 2०४ सांत्त्विक राजाका रक्षण डर ४ धामसका लक्षण «5. डर राजसका लक्षण हि] १ अधर्मझा क्षण बम १३ पर्वगुणमंद्दा मनी घारणा करे मलुप्यजन्मप्रापकि कारण... कम दी सबका कारण गुणकर्मोंस प्रा्मणादिक द्वोते हैं... १४ ्रल्माजीसे सबकी उत्पत्ति. ««« श५ ्राह्मणका लक्षण... .... -«« क्षत्रियका छक्षण.. ... | -*« १६ दिश्यडा छिक्षण “. ..«. -+- १७ शूद्दका लक्षण न्ड्ड बह म्छेच्छऊा लक्षण न्न्न ब्ड्ढ पूपषकर्मके दी अमुसार बुद्ध ओर १८ फल प्राप्त दोव/है ... नर रण सजा >य क नद्न्ड न ० ण्ड बढ ०८०८ बढ गड न्ड ० 2 छा छछ ण्ड पृष्ठ, छो० श५ २० २१ श्श्‌ रे ' श्र ५ श्८ २५ ३१ 8२ डर बट ३५ ड््ष ३७ ३८ ड््५ 8० ४१ हरे 8३ ४४ ४५




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