सचित्र महाभारत भाषा टीका | Sachitr Mahabharat Bhasha Tika

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Sachitr Mahabharat Bhasha Tika  by माधव शास्त्री भण्डारी - Madhav Shastri Bhandari

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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छत -ऑिलवुननि ला फता फ ख| विषयानुक्रमणिका । अध्याय विषय पृष्ट | अध्याय विपय पृष्ठ आदि का सम्मति करना। ३०४ ४-३०४६ तत्पर इप ३० ४६ |... भाइयों का परिचः का परिचय |. ३१०१-३१०४ २७, द्वोणाचार्य की सम्मत्ति। ३००७-३०३८ युद्ध करने के लिए अर्जुन की तैयारी । २८. भीष्म पितामद्ट की सम्मत्ति1 ३२०४८-३०५२ ३१०४-३१०९ २९, कृपाचाय की सम्मति। ३०७९-३०११ ३०, विराट नगर के लिए सुशर्मा जादि की युद्ध ४६. अजजुन की तैयागे और द्वोणाचार्य का कौरवों पे दोनेवाले अप्तगुनें का वर्णन करना । यात्रा | ३००४-३ ०५७ ३१०९-३१ १३ ३१. युद्ध के लिए राजा विश की तैयारी 1 ४७. दुर्योधन का उत्तर और युद्ध का नि३चय । ! ३०७५७-३०६१ ३११३-३१ १८ ३२. सुशर्मा और राजा विराट का युद्ध । ४८. कण की डाकति। अजुन को मारने की इच्छा। ३०६१-३०६५ ३११८-३१२० ३३, विशट का द्वारा, छुटकाराए और फिर सुशर्मी | ४९. कृपाचार्य की सम्तत्ति । ३१२१-३१२५ का परास्त होना | ३०६७-३०७२ | ५०. अख्व॒त्थामा के चचन । ३१२४-३१२७ ३४, विराटकृत पाण्डवोंका सम्मान ३०७९-३०७४ ३७. कौरवों का मत्स्यशाज की राजधानी में पहुंच कर गायें छीन ले जाना । ३०७४-३०७७ ३६. उत्तर कुमार जीर द्रीपदी की बातचीत । ७१. पितामह सीप्म की सम्मति। ३११७-३१३० ७२. वितामद मीष्म की सम्मत्ति। ३१३०३१३३ ७३. कौरव दल पर अर्जुन का आक्रमण । , ३१३३-३१३६ ३०७७-३०८० | ५४. कर्ण का हारकर युद्धूक्षेत्र से गागना | ३७, राजकुमारी उत्तरा और बृदन्नला का संवाद । ३१३६-३१४१ अं ८9 १ १ से अर्जुन का अन्य वीरों के साथ युद्ध करने ३८. उत्तर का भयभीत होना और अ्ुन को जागो ३१४१-३१४८ ढाढ़ध्ष बधाना ।_ ३०८४-३०९० | ६६. युद्धू ते पहले । ३१8४८ ११४५७ ३५०, कौरवों का अजुन के सम्बन्ध में बातचीत ५७. कृपाचनि और जर्जुनका युद्ध३१५१-३ १५७५ करना । ३०९०-३०९३ है जुनक्ना युद्ध -' ५८. द्रोणाचार्य और अजुन का युद्ध । ३१५७५-३१६९४ ४०. अर्जुन का उत्तर से हमीवृक्ष पर चढ़कर अख्न-शख्त्र उतारने के लिए कहना । ३०९३-३०९४ ७५०, जवव॒त्थामा से अर्जुनका युद्ध२१६४-३११६६ ४१. उत्तर का वृक्ष पर चढ़कर शर्तों फो देखना। | कर्णे का द्वारकर मागना | ३१६७-३१७० ३०९४-३०९५ | **- दुष्शासन आदि योद्धाओं का द्वारना । ४२. उत्तर का अल्ों के बोर में पूछना । ३१७०-३१७६ ३०९६-३० ९८ | ६२- सब मद्दारधियों का मिखकर अजुन से युद्ध ४३. अजुन का दिया हुआ अस्त्रों का परिचय । करना | ३१७६-३११७८ ३०९८-३१०० | 5३. सब महारथियों का अजुन से द्वारकर भागना। ४४. अर्जुन का दिया हुआ अपना और अपने ह ३१७९-३१८०




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