चुने हुए राष्ट्रीय गीत | Chune Hue Rashtriy Geet

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : चुने हुए राष्ट्रीय गीत  - Chune Hue Rashtriy Geet
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about मीना अग्रवाल - Mina Agrawal

Add Infomation AboutMina Agrawal

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
राष्ट्रीय गीत / २५हरो-भरी फसलें बल पत्ती है मेरे सेतों भे, नहरें अठसेली करती है राजस्थानी रेतो में। वबाध उगलते विजली लोहे को भी गला रहे हैं, शक्ति अभी छोटी है उगली पकड़े चला रहे हैं ।उस्नति की पहली सीढी पर पहला कदम पड़ा हैं, प्रजात॒व वो कोस रही है फिर सामती वाणी ।आज हिमालय ने मागो है भारत से कुर्बारी ।9 राममनोहर प्रिपाठी




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now