चौसठ कविताएं | Chausath Kavitaen

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
520 KB
कुल पष्ठ :
123
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)देखा था भोरे ही
कुदरा त्तो खुद मेने ।
वृदे भी प्रसी थी ।
ओर फिर --
सवसे बडी वात --
यहा
सेम जो फूली है 1
| ।
९ फरवरी १९५७
चालक कवितार्णे
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