भरे हुए घर का सन्नाटा | Bhare Hue Ghar Ka Sannata

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
510 KB
कुल पष्ठ :
84
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)15आप चिन्तित हैं केवल सुमन के लिए
आज खत है पूरे चमन के लिएकोई आए तो आए कहां से यहां
रास्ता ही नहीं जब पवन के लिएआदमी बन गया है लपट आग की
रक्त देना पड़ेगा शमन के लिएड्रेम का जब भी बनता है वातावरण
आ गये लोग क्यूं विषवमन के लिएब्रार्थनाएं सभी व्यर्थ होने लगीं
ज्ञान्ति चाहिए चहले मन के लिएहर त्रफ आजकल चाप का राज है
कोई आता नहीं क्यूं दमन के लिएभेरे हुए घर का सन्नाटा /25
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