भरे हुए घर का सन्नाटा | Bhare Hue Ghar Ka Sannata

[adinserter block="2"]
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
510 KB
कुल पष्ठ :
84
श्रेणी :
हमें इस पुस्तक की श्रेणी ज्ञात नहीं है |आप कमेन्ट में श्रेणी सुझा सकते हैं |
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)15
आप चिन्तित हैं केवल सुमन के लिए
आज खत है पूरे चमन के लिए
कोई आए तो आए कहां से यहां
रास्ता ही नहीं जब पवन के लिए
आदमी बन गया है लपट आग की
रक्त देना पड़ेगा शमन के लिए
ड्रेम का जब भी बनता है वातावरण
आ गये लोग क्यूं विषवमन के लिए
ब्रार्थनाएं सभी व्यर्थ होने लगीं
ज्ञान्ति चाहिए चहले मन के लिए
हर त्रफ आजकल चाप का राज है
कोई आता नहीं क्यूं दमन के लिए
भेरे हुए घर का सन्नाटा /25
User Reviews
No Reviews | Add Yours...