बिम्ब बिम्ब चाँदनी | Bimb Bimb Chandani

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
875 KB
कुल पष्ठ :
98
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)नागिन ना छोड़े २ चन्दन का वन
बीन पर सपेरे की हार गई धुन ।
नागिन ना छोड़े रे चन्दन का वन ।।
ऐसी मोहक सुगंध
जैसा संगीत ।
सुधि भूले सास रही
विप-वर्णी प्रीत ॥।
डाल-डाल घूम रही सु घती सुमन ।
नागिन ना छोड़े रे चन्दन का वन ।।
जंब्र-मंत्र-तंत्र सभी
निष्फल-निष्काम ।
हार गई युक्ति
यत्न आया ना काम ।
नये-नये वृक्षों पर लिपटे दिन-दिन ।
नागिन ना छोड़े रे चन्दव का वन ॥|
भूल गई पयली । खुद
अपना संसार
बांची में बेसुध उस
मण्धिर का प्यार ॥।
सुख-सौरभ डूबी-सी, उलका तन-मन ।
नागिन ना छोड़े रे चन्दन का वन ।
ब्ब्धरं 2
बिम्व विम्ब-चाँदनी ] [ १३
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