श्री प्रात: नित्य स्मरण संग्रह | Shri Prath Nitya Smaran Sangrah

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4 MB
कुल पष्ठ :
258
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)अजित-शान्ति-स्तवन प्र
चउदस वर-रयसप-नव-महानिहि-चउ-सटद्ठि-
सहस्स-पवर-जुबईरण सुन्दर-बई चुल-सीहय-
गय-रह-सय सहस्स-सामी छन्नवइ-गाम-कोडि
सामी शसासीज्जो भारहम्मि भयव ॥११॥
(चेढ्ढओ) त सति-सतिकर सतिण्ण सब्ब-
भया। स्ति थुखामि जिण स्ति विहेउ मे
॥ १२।। [ रासा नदिय॑ ]इक्खाग विदेह नरीसर
नरवसहा सुण्णिवसहा नवसारय-ससि-
सकलाणणा विगय-तमा विहुआ रया । श्रजि
उत्तम तेश्रगुणेहि महा-सुर्ि-श्रमिश्र-बला
विउल कुला परामासि ते भव-भय-सुरण
जग सरणा मम सरण ॥1 १३॥ (चित्तलेहा)
देव-दाणविद-चदसु र-वद हड्ठु तुट्ट-जिट्ठ-परम-
लट्ठ-लव घत-रुप्पपट्ट-सेयसुद्ध-निद्ध-घवल-दत-
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