स्याद्वाद रहस्य खण्ड १ | Syadwadar Rahasya Khand 1

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
19 MB
कुल पष्ठ :
258
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)महोपाध्यायजी के उद्गार
आज्ञया55गमिकार्थाना यीक्तिकानाञ्व युक्तित ।
न स्थाने योजकत्व चेन्न तदा ज्ञानगर्मता ॥ अध्यात्मसार (६/३८)
आगममात्रगम्य पदार्थों की जिनाज्ञा के आलम्बन से, एव युक्तिगम्य
यदार्थों की युक्ति के अवलम्बन मे उचित स्थान में सगति-प्ररूपणा करने की कुशलता नहीं है,
तव ज्ञानगर्भित वैराग्य भी नामुमकिन है ॥ग्रन्थशरीरपरिचय पतन्न क्रमाड़
1]। नसशोधकतार्किकशिरोमणि मुनिराज (वर्तमान मे पन््यास) श्री जयसुन्दरविजयजी महाराज,
तथा न्यायादिशास्त्रमर्मज्ञ तपोरत मुनिप्रवर श्री पुण्यरत्नविजयजी महाराज'परमपूज्य सिद्धातदिवाकर आचार्य श्रोमएद् जयघोषसूरीएवरजी म सा एव पूज्य पन्यासप्रवर श्री
'पद्मसेनविजयजी गणिवर की शुभ प्रेरणा से आदिनाथ जैन टेम्पल ट्रस्ट, चीकपद -व॑गलोर जैनसघ की
ओर से ज्ञाननिधि से आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है - एतदर्थ चिकपेठ-वैंग्लोर जैन सघ एवं उसके ट्रस्टी महोदयों
को धन्यवाद है ।प्रथम आवृत्ति मूल्य रू 150 00
विस २०४९
# सर्वाधिकार श्रमणप्रधान श्री श्रेताम्बस्मूर्तिपूनक जन सघ के स्वाधीन #लेसर टाईपसेट ;- पार्शव कोम्युटर्स, ३३, जनपथ सोसा , केनाल के पाश्त, ईंसनपुर रोड, घोडासर,
अहमदाबाद-५० फोन - ३९६२४६
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