सचित्र महाभारत भाषा - टीका भाग - 11 | Sachitra Mahabharat Bhasha - Tika Bhag - 11

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Sachitra Mahabharat Bhasha - Tika Bhag - 11  by माधव शास्त्री भण्डारी - Madhav Shastri Bhandari

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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लि] 2 अमिमाउुकणिबा। पिपयानुक्रमणिवा | अध्याय पिपय पृष्ठ अध्याय परिपय *. पृ १३८, भीमसेन और कर्ण का युद्ध ७५२२८ | १५६- साह्मकि-सोमदत्त और अग्रत्यामा- १३९. भीमप्तेन और कर्ण का भयानक युद्ध ५२३१ पघटाफाव के युद्ध का वणन ही जु३४१ १४०, अठुम्बुप का मारा जाना ५२४० | १५७. वाहक, दुर्योधन के दस भाई जोर १४१. सालकि और भूरिश्रगा का सामना ५२४७ - शकुनि के पॉच भाई अ्यदि योद्धाओं १३२, साहाके और भूरिश्नत का युद्ध; का मारा जाना » ५३६० निहत्य सात्यकि के केश पकड़- १७८. करण और कृपाचार्य का तित्ीद_ ५३६५ कर सिर काटने को भूरिश्रगा का १०५९. अश्वत्यामा, का कण पर करिगईना, प्यत्ष ए्‌र२५० दुयाधन आर कृपान्नाय का उन्हें १४३, साझकि का भूरिश्षता के सिर को ” अमझाना | कण का हारना ५३७२३ काट दलना ण्श्ष्ट | १६०. अश्वयामा और घृष्टबुश्त का युद्ध ५३८२३ १४४. सक्नय का भूरिश्रत्रा से साह्यकि के पराजित होने का कारण बतछाना ५२६५ | १४५. श्रीकृष्ण और अर्जुन क। सबाद तथा हर कर्ण के साथ साक्यक्ति का युद्ध ५२६० १४६, जयद्रथ का मारा जाना ७५२७९ १४७. कर्ण और सालाऊे का युद्ध ५२९१ १४८. कर्ण-पुत्र के मारंन की अर्जुन-कृत' प्रतिज्ञा और श्रीकृष्ण तथा अर्जुत्त का रणभूमि देखते हुए अपने डरे का लौटना ५३०२ १९४९, युर्धिप्टर स श्रीकृष्ण आदि” कौ बातचीत ७५३०९ १५०. दुर्योधन का द्रोणाचार्य के आगे जिन्न होकर उलहना देना ण५११५५ १५१. द्वोणाचार्य्य का दुर्योधन को आश्ा- । सन देना ७३१८ १७२. दुर्योधन आर ऊर्ण का सवाद। राति- युद्ध का प्रारम्भ ण१२३ (घटोत्कवचधपवे ) १७३. युधिष्टिर से युद्ध में दुर्योधन की पराजय ५३२२७ १५४. द्रोणाचारय के युद्ध का उर्णण... ५३३२ १५५. धुए, जयरात, दुर्भद आर दुष्कर्ण वा मारा जाना ७५११६ १६१, सेझूछ युद्ध का बर्गेत ५३८९ १६२. सोमदत्त का मारा जाता । द्वोणाचार्य और राजा युधिष्ठिर का बुद्ध ५३९१ १६३, दोनों सेनाओं में दौपफों का जलना ५३९७ १६४. घमासान युद्ध का बर्णन ५२०१ १६५, युधिष्टिर का कृतवर्मा से परामित होना १६६. भूरि का मारा जाना | घंटेतकच को हार और दुर्योधन या परास्त हवाना ५४०९ १६७, वर्ण से सहंदेय का और शल्य से >विशट जा खुद्ध * ७५०१६ १६८. घमासान युद्ध का वणम ५४२१ १६९. नकुछ से शकुनि वा और कृपाचार्य से शिखण्डी या दारुण युद्ध रे ५ ज३णण५ 5५१२० १७०७. द्रोणाचार्य और भ्रृध्यु्न आदि का द्वन्द्न युद्ध ५४३० १७१, वाह का दइन्द्द युद्ध ७५४३७ १७२. आचार्य द्वोण या साध्याड्े स और नर्ण क्रावीर पृष्टचुन्ष स दासण युद्ध ५४४३ घटेफफच के साथ वर्ण क युद्ध का आरम्भ जठायुर के पुत्र अल्ग्बुप फे साथ जर घद़ेत्कच का भयानक थुद्ध ७४७४ १७५. कण ओर घटोत्कच वा युद्ध. ५७४०९ १७२३. ५४४७ १७४




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