श्री दशवैकालिकसूत्र भाग १ | Shree Dashvaikaliksutram Bhag-1

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Shree Dashvaikaliksutram Bhag-1 by घासीलाल जी महाराज - Ghasilal Ji Maharaj

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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सत्वार सुधीभां भदार पडेक्षां शख्रो हैः १ श्री 8पास४ इशंण सुन पडेधी जावृती 'जक्षास २ , इशवैधशलिष्ठ सुन भाण-१ पंडेधी जावृती जतास 3 » विभा5 सत्र गंडेधी जावृती 'भशास ४ ५» खायारांग सत्र भाग-पे पढेद्दी जावती जद्षास प ५» खबतप्रत भछेधी जावती जात है +, शावश्य४ यडेधी जावृत्ती णक्षास ७ ,, शतुत्तरेषपाति५ 3-<-० €<€ » ः्शश्रुत रनन्‍्ध ७-०-० €. # लिश्यावश्षिष्र सुन (भाण १थी पथ) ७-८-० १० , ध्शवैध्ञि. भाण-२ णीमे ७:८5 ७ ९९ » उिपास5इशांग णी९७ जावृती.. ८-८+० पेश , जायारांग भाग-२ णीजोे १०-००० १३ » द्शवैध्ञक्षि८: भाण-१ णजी९9 जाबुती. १०-०-० (डाक्षमां छपाय छे.) ९६ श्री जायाशंण जाथ-१ के णी९७ गावृती २ +» विप$ सुन ञ छ 3 » सन॑ंतप्ठतत हा न्‍ ४.» सावश्यह के ह प्‌ , उपवषाएं खुल ६. » खलायाशंग भाग-अन्ते 9 जैदप खुल छूटी पाना छाप भार तेयार छ १ उत्तशब्यायन खुन २ नन्‍हीं खुन . 3 जाता संत ४ समवायां+ सुतर पे अक्ष व्यापरणु सुत्र ६ अदयेशद्वार सुत्र ७ शयपसेशी सुन ८ स्थानांथ सुत्र नननपपपप्प+--+-ाा..... ने<;-धारडपरना श्रीशुत शेह माशुध्वाब से... मडेता परशथी शेड खुन्ननी असिद्धि भांटे ३. 3००० त्रणु छब्यर समितिने ता, १०-प-पछ ना हिने भण्या छे. ते भारे तेमना जाली छीखे,




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