प्रारम्भिक सांख्यिकी एवं भारत का आर्थिक विकास भाग 1 | Prarmbhik Sankhiyaki Avam Bharat Ka Aarthik Vikas Bhag 1

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Prarmbhik Sankhiyaki Avam Bharat Ka Aarthik Vikas Bhag 1  by आर. डी. गुप्ता - R. D. Guptaबी. के. गुप्ता - B. K. Gupta

लेखकों के बारे में अधिक जानकारी :

आर. डी. गुप्ता - R. D. Gupta

No Information available about आर. डी. गुप्ता - R. D. Gupta

Add Infomation AboutR. D. Gupta

बी. के. गुप्ता - B. K. Gupta

No Information available about बी. के. गुप्ता - B. K. Gupta

Add Infomation AboutB. K. Gupta

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
21 (6) मह विधि विस्तृत जौच के क्षेत्र के लिए उपयुक्त है । शणको हारा भेजो गयी प्रबनावलो हारा अनुसाधान की सीमाएँ (11प1088015 ० (0व्ाणाान्वाल& 0 $ल९१॥65 इद्याए गाणाड़ाः स्ाप्रापक्षक्ष05) (1) यह विधि बहुत महँगी पडती है क्याकि गणको को काफ़ी वेतन देने पडते है । (2) इस विधि में गणका के पक्षपात को भावना के कारण अशुद्ध परिणाम प्राप्त हो सकते है । (3) इस विधि मं समय और परिश्रम अधिक लगता है क्योकि गणको द्वारा सूचको से सम्पक करने मे काफ़ी समय लगता है । (4) इस विधि की सबसे बडी सीमा यह है कि इसमे बडी संख्या में कुशल और परिशिक्षित गणका की आवश्यकता होती है । प्रन्‍्नावली तमार करना (001॥एटलाणा ० 0ए९शाणा॥॥7०) प्रइ्नावली/ कसी अनुसःघान अथवा जाच से सर्म्बा धत बुछ प्रश्नों फा सम्रह है जाकि पहले स ही तैयार “क्या गया हाता है । प्रश्नावली तेथार करते समय निम्नलिछित बाता को ध्यान मे रखना चाहिए। (1) प्रइनो की सख्या ()एगफ॑टः रण (९४८४॥००७) जहाँ तक सम्भव हो प्रश्नो की सब्या कम होनी चाहिए। प्रश्नावली में उाही प्रशना का रखना चाहिए जिनका समस्या से सीधा सम्ब ध हा । अनावश्यक प्रश्ना को प्रदनावली में शामिल नहीं करना चाहिए। बड़े आकार की प्रश्नावली को भरने मे सूचका का समय जधिता लगता है और इसलिए वह भप्रश्नावली भरने के काय का टालने का प्रयत्न करेंगे । (2) सरल और स्पष्ट प्रइन ! (5पाफाट बाएं अफक्ाहीए।एणिफ्ात (३७८४४०॥५) प्रब्नावली में दिये गय प्रश्न सरल तथा स्पष्ट हान चाहिए ताकि सूचक इंह आसानी से समझ सके । पेचादा, लम्ब तथा दोहर अर्थों वाल प्रइना का प्रयोग नही करना चाहिए बमाकि एस प्रइन उत्त रदाता का द्विविवा तथा असमजस में डाल देत है तथा वह उत्तर दना हा पस द नही करता। (3) प्रइनों का क्रम (8०4४८३०४ 0 000 ० एप८नाण्पछ) प्रर्नावली म प्रशवा का एक उचित क्रम से रखा जाता चाहिए ताकि उचित उत्तर प्राप्त हा सके। प्रइना का जागे-पीधे देने से उत्तर ठीक ढंग से नहीं दिया जाता । उदाहरण के लिए निम्न प्रश्न उचित क्रम ([.081041 $८ध७९४८८) मे हैँ (क) वेया आप नोकरी करते हैं ? (जे) आपकी आय क्या है २ (ग) आप क्तिनों बचत करते हैं ?




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now