उषा मुस्करा उठी | Usha Muskara Uthi

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
1 MB
कुल पष्ठ :
142
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)मानस-मन्दिर मैं आओ!
हंप्त-विषेक गराहिनी क्िमिले,
मधुर - मधुर मुश्तकाओ /
मृद्ु मब्जुल बीच बजाओ /
नये स्वरों में भर सम्मोहन,
मुग्ध करो तुम जग-जन- जीवन,
वीणा वादिनि / अन्तर मन मैं-
धर भर दो आतृ-ग्रेम प्रावव धन,
४ नये ठाठ में, नयी रागिनी,
गीत नये नितव याओ |
सुख के स्वर-दीप जलाओ /
मानस - सन्दिर में आओ /। २६०८7 20 2 पटक गा]अप ८0268| 210]
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