भविसदत्त तिलकासुन्दरी नाटक | Bhavisdutt Tilakasundari Natak

5 5/10 Ratings.
1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
श्रेणी :
Book Image : भविसदत्त तिलकासुन्दरी नाटक  - Bhavisdutt Tilakasundari Natak

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about अज्ञात - Unknown

Add Infomation AboutUnknown

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
देह 5 एक्ट है जिस पुत्र के होते हुवे माता दुख पाए-वह पुश्र नहीं महज मिट्टी की नारा तसवीर है-इनिया में वे इज्यत पथ वे तोक़ोर हनमगर कया करू लाचार हू-इपा पिता उचा माता | (और) चरणों में कमल के वह आप सर झुकाएगा ॥ करके जो ऐसी में न दिलाऊं दिलावी । मुझको कमर का पुत्र न कहना कभी कोई ॥ ( चा नाना छपडाऊ राधा 5 सान दे ६ परिाघददाघताएात ( गाठार दा परदा ) चुदूच का याड़ार में रूड़े छुवे नजर थाना-पम्पा ये पेपर दो जाएं का थाना जीर वात चीत करना-याएनों का दाना देना दमूरभ का घारमा यार चढ़ा शान और सफ़! का इस” करना फल




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now