किस बसंत का फूल चुनुं | Kis Basant Ka Phool Chunun

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Kis Basant Ka Phool Chunun by भानु भारवि - Bhanu Bhaarvi

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about भानु भारवि - Bhanu Bhaarvi

Add Infomation AboutBhanu Bhaarvi

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
कया गांव था मेरा वहक्या गाव था मेरा वहजहां नासारन्शो की देहरी पर गोधूलि की मधुर गंधदिया करती थी दस्तक.कितनी आतुर रहती थीगलरज्जु तुडवाती बछिया आलिंगन कोमात विरह के दुखद क्षणो को बिसराती सी. कितना पुर सुकून था - वह दिवस का अवसान - जब लौटता हरनाथखुशी-खुशी साथका-थका साडाले अलगोजों का बोझ कांधे घर रंभाती गायों के पीछे बहुत उतावला क्या गांव था मेरा वहजहां पनघट परभरता था पानी का मेला.भर मटकी घर आठोअल खाती भौजइयाधारा शीतल जल सीहरियाये खेतो कीवो सरदाई रातेभूल कभी पाऊंगा इसको ? 'फसलो मे डूबा मनुजजिसे सींचता




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now