ब्रह्मा वैवर्त पुराणं | Brahma Vaivartta Puranam

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Brahma Vaivartta Puranam by कृष्णद महर्षि व्यास - Krishna Maharshi Vyas

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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॥ श्री गणेशाय नमः ॥श्री पुराणपुरुषोत्तमाय नमः ॥समर्पणम्‌श्रीमतां विविधज्ञानविज्ञानविचक्षणप्रभविष्णूनां अड्दोपशास्त्रपारायणीक- विव्ययक्षुपां, तपस्ता ल्यागेन ब्रह्मचर्चखा शमेन दमेन दसया व प्रफाशित- दिव्यग़ुणीघानां. अजस्में कर्ममक्तिक्षानत्रिये णीघाराप्रवाहाय कृतभगीरथपरि- श्रमाणां समस्तमास्ते स्वचिछृत्ताप्रकाहेन अमत्क॒तानेकचिद्वत्परिपत्मकर्पोस्कर्पयरता शान्तिस्वरूपाणां अधिमूमण्डल्ल भागवतधघमप्रसाराय विज्ञयचैजयन्तीसमुत्तोलन- पाएं नानाविलक्षणयुक्तिबादैरपास्तनिर्विशेषप्नतिवक्षजन्मनां चिह॒ल्कुलभुएणानां खनातनथमंधुरन्धरा णां चैष्णवाग्रगण्यानां ड्तरप्रतिबादिभयड्ूराणां घाराणस्रीस्थ ज्मदुगुरुमगवद्रामाझुजाचार्यपीठाधिपतीजां श्रीमतां १००८ पूज़्यप्रवर अगवत्पाद प्रीदेषतायकाचार्य रुघामिमदाभागानों ऋरकमलेणु श्रीश॒ुरुमण्डलप्नन्थमाकाचलुर्देश- पुष्पोपद्ारीमूत श्रीचह्मवैचत्तेपुराणमिदं खादुरं सबिनयश्थ समष्यतते-८श्रीमतां चरणस्तेचकःविजय 'कादशीदिनम, अ्रद्धामक्िपिनक्र+-- विक्रम खे० २०श+ | राधाकृष्ण मोरः५, क्लाइच रो, कल्कत्त




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