लाघु सिद्धान्त कौमुदी | Laghusiddhana Koumudi

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Laghusiddhana Koumudi by आचार्य ब्रजरत्न भट्टा - Acharya Brajratna Bhatta

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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हः अनुवादकवंश परिचय: । _ उद्घाटितारों अन्थानां सर्वेषामथग्रन्थयः ॥ विमत्सरा वाग्मिनश्व कवयः साधुसम्मता। ॥ १ ॥ कृतकुकुटताशव स्यक्तबेडालवृत्तय! | सतत क्रतुकत्तोरों विद्यावन्तोी यशस्िनः ॥ २ ॥ सगोदी समजायन्त कम्मेठास्या; सुगुजेरा। ॥ परिवादपराचीनचेतसो हि द्विजन्मनः ॥ ३ ॥ आसीत्कुल पतिस्तत्न विद्वद्रत्नमहाशय: विद्याचुश्व राज्यमान्या राधाकृष्णाभिष) कवि! ॥ ४ ॥ तद्वंश श्रीनूपजी पम्मदत्तों ज्योतिःशासत्र लब्धकीत्ती किलास्ताम ॥ तारुण्ये वे कोविदा धम्मंदत्तः स्व ह्यातीद्यायजूकप्रवहं! ॥ ५ ॥ सुतावभता किल धार्मिकस्य भत्‌ वदाग्पका चन्द्रमणिश्र प्राणमुद ॥ अनूपदत्तस्य कुल प्रकाशकों म॒राज्यमान्यी कविताविलासिनी ॥ ६॥ श्रीमद्भदृववंशप्रथितगु णगणाभवणा लड्ढताड़ी गोषद्टू माचनादिप्वविरतनिरतश्चा न्ट्रमणिश्रण्डकरम्मा ॥ श्रीमचनन्‍्द्रापच्डामणिपद्‌कमलाराधकः शुद्धवद्धि: जालानाथः कवीन्द्रो हजनि जनकजाजानिपादप्रसादात॥०॥ तत्सूनुना व्रजरत्रभद्वाचायंग निर्मिता ॥ रसालाख्या सुव्याख्येय॑ विद्वन्मागनुप्तारिणा ॥ ८॥ | पाया यातायात दा दबा क १ प्राणसुख । वलिक्लीकिरीसिललीीामपलाममनत नम आस क्तआ ला लि कक लत बसा 4 न लता लक टदकाााामा लक भा उ#+नन_क+नत ५ -.आ आन सक >किस ताल न कब




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