श्रृंगार निर्णय | Shringar Nirdaya

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Shringar Nirdaya by भिखारीदास - Bhikhari Das

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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ज्ड्ारनियय । १५ ठोढ़ी वणन | न काक्यो महा सकरन्ट मलिन्‍्ट खस्थों किघधों संजुल कंज-किनार । चंद में राइ को दंत खज- ग्यो के गिरी ससि भाग सोहाग लिखारे ॥ दास रसीलौी कौ ठोढ़ी छबौलो की लौलो कौ बिन्दु पे जाइथे बारे । मित्र को दौठि गड़ी किघों चित्त को चोर गिखो छषिताल गडारे ॥ जि अ्रघर वर्णन - कबित्त । एरी पिकबेनो टाइम पटतर हैपे जब लघब तेरे सुंदर अधर मधुरारे को । दाख दुरिजाय मिसिरौओ सुरिजाय केसे कंद कुरि जाय सुधा सटक्यों सवारे को ॥ ललित ललाइ के समान अलुमाने रंग बिस्वाफ़ल बंघुजौव विट्रस बि- चारे को । तातें इन नासनि को पहिलोडई बर्ण कहें मुख मूंदि मूंदि जात बरननवारे को ॥ . दखन वणन | बिघु सो निकासि नौकी बिघि सो तरासि कला सेैकरि सवासों बिधि वत्तसों बनाय है । हासहो में दास उजराईइ को प्रकास इोत आ- वनलललयलयददवनलपथननाराापरगपपरलतरसवततररतपमवरसवन




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