कुण कुण नै बिलमासी | Kun Kun Nai Vilamasi

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Add Infomation AboutKalyanasingh Rajavat
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
681 KB
कुल पष्ठ :
100
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)ग्राव रें
निजरा करें जुहार ग्रावर
झधरा पर मनवार आवरें
प्रोतवा देस रा पावणा
मिठ बोला मन भावणा
देख उमरडी घूमर घाल
करे उतावव कावक्क चाल
नींद लजाबे, सम ना आ वे
जागरण रै मिस श्रोत्तू आझ्रावे
वाघे बादरवाब्ू प्राव रे
खडी सजाया थाक्व ग्राव रे
प्रीत पथ रा पाव्णा
हस बोलशा मन भावणा
रुत लागे रै नवी नवेली
पवन अचपकछी बणण सहेलो
फूला फूला में मंद दुढ्िया
अग्र श्रग मे हिंयल्ू घुल्ियो
नाथ मन दे ताक “पझाव रे
गाव रुप घमाव पग्रावरै
प्रीतव पोक्त रा पावणा
रुग रोलठ्णखा मन भावणा
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