नम्मया सुन्दरी कहा | Nammaya Sundari Kaha

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
138
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)1१७८०१९२ | नम्मयासंदरीकहा । - १७:“करभरविवजियाणं अपीडियाएं परेण केणावि।
बच्चइ सुह्देण कालो जणाण सम्गे सुराणं व ॥.., श्छ्ट
अह बहुते चंदे गहवलजुत्तम्मि सुंदरे लग्गे | 'सा सुंदरी पद्चया धूयारयर्ण कमलनयणं ॥ १७९
पढमो-अवच्चलाभो पुत्तज्व्भहिया य वालिया एसा। दर
इय पुत्तजम्मणम्मिव वृद्धावणयं कयय पिउणो ॥ श्दग
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दें होठ नम्मयाझुंदारि त्ति नाम॑ बरमिमीएँ ॥ १८४
अइसुंदरनाममिर्म पस्सइ सधो वि पुरजणों झुइओ। पठपुन्नव्भहिओ जीवो किर कस्स न वहहो होइ॥ १८५८
हत्थाहत्थ॑ घिप्पह जणेण अन्नोन्रपेछ़णपरेण ।वड्डुइ बड्टियकंती सियपक्खे चंदलेह व ॥ १८६
बोछाविजइ पिउणा पंचनमोकारभणणकुड्ेण ।देवगुरूण पणामं सिक्खाविज़र हसिखयणा ॥| १८७३०
सबंस्स चेव इद्दा विसेसओ बवीरदासलहुपिउणों । हे
चीष॑दणाइकि् पढम॑ सिक्खाविया तेण ॥। श्ट्दनारीजणोचियाई विज्ञाणाईं तओ वि चउसटी ।
तओ [य] समप्पिया साहुणीण सम्मत्तों ५. ५ ४ 'नाणड ॥१८९जीवाइनवपयत्था नाया तीए विसुद्धपन्नाएं | श5
पढ़ियाईँ पगरणाईं बेरग्गकराईं णेगाई ॥ १९००
सरमंडलामिहाणं तीए इुड्डेण पगरणं पढ़ियं।नर-नारीण सरूव॑ गुणागुणे जेण नजंति ॥ १९१
गिण्डइ सुह्ेण ज॑ ज॑ सुणेइ पाएण एगसंघात॑।पम्हुसइ नेव गहिये तहावि पदणुजमो तीसे ॥ स्टडी पा गाविते सह पदयलों तसिशा.. शहर१ *मरतिविजियाणं- ३ पिडणो, ३ वरममीए. ४ चढ़िय०*,. ७ समत्य* ”
नम» हे
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