संक्षिप्त स्कन्द महापुराण | Sanshipta Skanda Mahapuran

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
श्रेणी :
Sanshipta Skanda Mahapuran by अज्ञात - Unknown

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about अज्ञात - Unknown

Add Infomation AboutUnknown

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
( ह४ पूष्ठ-संख्या ३३९-दिवलोककी उत्कृष्ठता गोसेयाका महत्त्व दानकी मष्मित तथा नर्मदातटपर दान एवं दिवष्यानका माहात्स्य ७९२९ २४०-अमरावतीके दक्षिण विष्णुमन्दिरिकी मदिमा मेघवनका मददरव तथा विभिन्न तीर्थोकी महा- पृष्ठ-संख्या २५०-आदित्वेश्वरतीर्थकी महिमा मुनियोंद्वारा नर्मदाका स्तवन और उस तीर्थमें गोदानकी महिमा कक कक के ८ ० पु २५१--घनदतीथंका माहात्यय पूज्य और अपूच्य श्राह्मण छृप्रोत्सर्गकी महत्ता तथा गौतमेश्वर- दाक्तियेंकि नाम ७९३ तीथंकी महिमा ११ ८१० ३ ८६-अदोकवनिकातीर्थमें मद्दाराज रविश्वन्द्रके द्वारा ३५ र-परादाराश्रमकी महिमा) पराशरमुनिकी तपस्या यश दान तथा सुनियोंका उद्धार ७९४ वरदान-प्राप्ति भीमेश्वरमें गायत्री-जएका महत्व ३४ र-वागीश्वरतीर्धमे राजा ब्रप्मदत्तके यशर्म प्रेतोंका और नारदेश्वरती्थका माहात्म्य ८११ उद्धार तथा सहस्तावर्त आदि तीर्थाकी महिमा ७९६. ३५३-नमंदा-नागेशके सड़ममं कण्ठकी ज्र्महहत्यासे ३८६-देवपथतीर्थ झूकतीर्य दीसिकेश्वरकी महिमा मुक्ति और सद्गति ८१२ देवासुरंकि द्वारा महदादेवजीकी स्त॒ति तथा वेष्णव- ५४-पूतकेश्वर तथा जल्शायी ( चक्र ) तीर्थका तीर्थकी मष्िमा ७९७ माहात्म्य श्रीचिष्णुके द्वास नलमेघ दानबके ३४४-नर्मदाजीकी तथा भगवान्‌ विष्णुकी स्तुति ८०० वधघकी कथा के ८ हे २४५-मेघनादतीर्थका प्राकस्थ और उसकी महिसा ८०२. ३५५-म्रभावेश्वर माकंण्डेयेश्वर सुषंण) मन्मयेश्वर ३४६ -करब्जेश्वर तथा. कुण्डलेश्वरतीर्थका प्रादुर्भाव तथा... एरण्डीसड्रममें .. पुन्नप्राप्तिपदतीर्थकी और मादात्म्य ८०३ महिमा अनसूयाजीके पुत्ररूपसे ब्रह्मा शिव . ३४७-पिप्पलेश्वर विमलेश्वर) विश्वरूपा-नमंदासजम और विष्णुका अवतार 2 क एक दिनमें मेषनादेश्वर आदि पॉच ३५६-सौवर्णतीर्थ _ करण्डेश्वरतीर्थ . माण्डारतीर्थ _.... डिज्ञॉकी यात्राका माहात्म्य राजा घर्मसेनकी कथा ८०४ रोहिणीतीर्भ चक्रतीर्थ तथा धूमपाततीर्थका ३४८-मुकण्ड-आश्रममें दो गन्धवाँका उद्धार तथा माहातम्य और माहात्य-प्रवणका फल ८१६ चन्द्रमती-नमंदा-सद्भम आदि अन्य तीथोंकी और महिमा ८०५... रे५७-श्रीसत्यनारायण ब्रतकी विधि ब्राह्मण सी ३४९-मभानुमतीका [तीर्थसेवन शरूलभेदतीर्थमें शबर- छकड़हारेकी कथा 7 दस दुम्पतिक्रा उद्धार और सती भानुमतीकों ३५८-संत्यनासायण न्नतकी महिमा राजा उट्कामुख कोलासघामकी प्राप्ति ८०६ साधु वणिकू और राजा वंदाध्वजकी कथा. ८१९ जनक सौर फाल्युन २००७ फरवरी १९५१ की विषय-सूची विषय पृष्ठ-संख्या. विपय पृष्ठ-संख्या दर दर (६) नागर -सण्द _...... देद५-मा्ंप्डेयसनिको अमरत्परी प्राप्ति) ब्रह्माजीकी ५९-राजा निशक्ूका वसिष्ट-पु्नींके दापते ववाण्डाल होना ८ र५ स्थापना) ब्रालसख्यती थकी महिमा ८३६ ३६ ०-विश्वामित्रजीके द्वारा निदाकुका यश पूरा करके ३६६-सूगपदतीर्थ और विष्णुपदतीर्थका प्रादुर्भाव सष्टिरचनाका उद्योग आदि ८२७ तथा मादात्म्य विष्णुपदी्मे सान आदिका महत्व ८३८ द ६ १-नागबिलका महत्त्व इन्द्रकी ब्रह्महत्यासे मुक्ति ८२८. ३६७-विष्णुपदीकी अद्भुत महिमा चण्डशर्माकी थुद्धि ८३९ 3६ २-दाज्तीर्थकी उत्पत्ति उसमें ख्लानसे राजा ३६८-हाटकेश्वरश्षेत्की दक्षिणोत्तर सीमाके गोकण/का चमस्कारके कुष्टरोगकी निढ़त्ति ८३० परिचय मोकर्ण और यमका संवाद. ८४० ३६ ३-राजा चमत्कारकी तपस्पासे सम्तुष्ट हुए दिवका ३६९-सिद्धेश्वर छिज्की महिमा तथा पइश्नर-मत्नका अचलेश्वपुरूपसे निवास ८३२ माहात्म्य एवं अहिंताकी महत्ताका चर्णन 7 ८४२ ३६ ४-चमत्कारपुरमें गयाशीर्षतीर्थकी महिमा ८३३. ३७०-समर्पिन्ञाश्रमकी महिमा तथा. ससतर्फियोंका




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now