अपने सूरज पर विश्वास | Apane Suraj Par Vishwas

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
435 KB
कुल पष्ठ :
88
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)मगर तुम्हारा
यह वहम जरूरी भी है
तुम्हारे हो भले के लिये
कि मैं जो कुछ बोलता हूं
वह सिवाय
बड़बड़ाने के और कुछ नहीं
श्रोर तुम जवाब में
ग्रपना हाथ
हवा में हिला देते हो
मैं भ्रपनी तनी गर्दन लिये
किसी गली में सो जाता हूँ
तुम सोचते हो
गली” भलो मिली
चला व्ली
मैं सोचता हूं
गसी से हो
'मेंदान' धुर होगा
शि
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