षभा शरंगा | Shabha Sharanga

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Shabha Sharanga by अज्ञात - Unknown

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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करसोर हमे कोखिनेदासां मील ले डातिस नेक ग लुभ| थे ही उसकी अंगंढू की था बस भर तुम्हाराकोर्म भ | रूरूगा- बाद लगते बढ़ाये छः कोस शत पारी की जगह का सनी पाक बे बेठा कि दूतनेमे | है पाना का ट् की कप गण सारी नगद बेठाद यह देख वोट दोने शागे बढ़े भर । करने लगे शरेयद जग तेरी नढ़ी दे ्याना पति | | रोके झाविएा जो जप चफना भला उलडे पावों | | रफरजा नदी तिच्हा लावाहता ढातिमं मेक | राकिदे मर्खे मे जीवों का दुख दाई नही -र नमदुश्शि | | कांरिया दूं. जो तुम जानों कि यह दुमरा शिकार करेगा | | तुंमुह् से इतना क्यों दरसे दी -संगर यह मकान तुम्हारा | दि | तुम्हे दी सुबार्क रहै शोक सेभ्ागरा करो -करे ट तारों नैकद्ा तक ाटमी को सुर्बत से क्या काम तूदुभ | से छल नकरचलाज। नही तो दुख पावेगा न पीर डा 1 _ (यगा-द्वातिमे पर में श्वर के लिये झो- उमर कड़क गाय से सरल पक्य फट फकिगीदड़ के अचार कल मरिके खेपना पाल | हर की मर हातिः पा रा नम नकद परमे वर की सेट द्‌ का मैन का द्िमायती बन के नहीं श्राया हू केवेलेबिन | तीकरता हूँ कि तुमउस के बच्चे खान छोड़ दो गौर पएमें |. | रु श्य्श्से ड्रो वोह बोला कि मरे मनुय्य य्य तूउन का सोचे काया | करत जलाड कार्ड घ्तंणा में तेरी भी वही दशा दोती दें इस बाएं | फोसनतेशीहासिम नेकद कि बच्चें के बदले मुफेसवा पंख अज्ाका खाना ढीड दे वोह बोला उन का ती खातीश्ी दे 5 दे कस




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