गाता जाये बंजारा | Gata Jaye Banjara

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Gata Jaye Banjara by साहिर लुध्यानवी - Sahir Ludhyanavi

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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७ जाएं तो जाएं कहां समझेगा कौन यहां दर्दे भरे दिल की जवां जाएं तो जाएं कहां ? मायूसियों का मजमअ है जी में क्या रह गया है इस जिन्दगी में रूह में गम, दिल मे धुआं जाए तो जाएं कहा ? उनका भी गम है अपना भी गम है अब दिल के बचने की उम्मीद कम है एक किश्ती, सो तूफां जाए तो जाए कहां ? रू है




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