संस्कृत पाठ माला | Sanskrit Path Mala

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Add Infomation AboutShripad Damodar Satwalekar
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4 MB
कुल पष्ठ :
79
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)(२६)पाठ ११
अब कुछ संस्क्तत वाक्य पढिये--१ रामचंद्रस्थ नवीन गहं शोमन आस्ति । २ श्री-
कृष्णस्थ पुराण नगरं कुत्र अस्ति? ३ विज्ञस्थ पुरुषस्
शोभन पुस्तक अच्च नास्ति। ४ त्व॑ विशाल वन
इृदानी गउछसि किम १ ७ नहि; इदानीं अहं भूपस्य
शोभन नगर गच्छामि | ६ स प्रुषः भूपस्थ शोम-
नात् नगरात् इृदानीं एव आगच्छाति। ७ स बलिछ:
पुरुष इृदानीं कुतच्र अस्ति ९१ रामचंद्रका नर्वीन घर सुंदर १1 २ श्रीकृष्णका पुराणा
शहर कहां है? ३ ज्ञानी मनुष्यका उत्तम पुस्तक यहां नहीं है।
४ तू विशाल वनके प्रति अब जाता है क्या? ५ नहीं, अब में
राजाके सुंदर नगरको जाता हूं।६ वह मनुष्य राजाके सुदरनगरसे अब ही आता हैं। ७ वह बलवान पुरुष अब कहां है;
अब निम्नलिखित शब्द स्मरण कीजिये--१ अहं- में ०» मत्- मुझसे
२ मां- समझे, मुझकी.. ४ सम भेरा
३ मया- मंने .. ८ मायि- मुझमें४ मह्य-- भरे लिये
अब इनका उपयोग देखिये--
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