हिंदी साहित्य समीक्षा | Hindi Sahitya Samichha
श्रेणी : साहित्य / Literature

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Add Infomation AboutShreeyut Gurti Subrahmny
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
46.6 MB
कुल पष्ठ :
361
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about श्रीयुत गुर्ती सुब्रह्मन्य - Shreeyut Gurti Subrahmny
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)( है?_ मौवांत्य आचार्यों में न तो समालोचना की शोर कसी काव्यान ही गया, श्र न इस शाख्र का कोई क्रमवद्ध विकास हीहुआ । टीका टिप्पणियों में समालोचना का यत्र--_लीचनाकों तत्र निर्देश है। व्याकरण घमशास्र आदि मेंपरिभाषाएँ. जहाँ कहीं विवादास्पद अंश हैं उन्हें समालोचना(र) भारतीय. का दी अज्ञ समझना चाहिये | पर यदि कहाजाय कि पश्चात्य देशों की तरह थारारूप मेंयहाँ कोई क्रमबद्ध विकास हुआ है तो यह घास्णा बिल्ककुत्ड
निमूल है ।द्विन्दी में भी संस्कृत की तरह कोई प्रशंसनीय उद्योग नद्दींकिये गये । हिन्दी में श्रब तक एक ही पांडित्यसमालोचना की. पूर्ण पुस्तक लिखी गई है और वह है बाबू श्याम-परिभाषाएँ सुन्दर दास का साहित्यालोचन | उसमें समा+(३) दिन्दी.... लोचना की परिभाषा इस प्रकार दी है:--“साहित्य क्षेत्र में अन्थ को पढ़कर उसके गु्ों और दोषों
का विवेचन करना श्रौर उसके सम्बन्ध में अपना मत प्रकट
करना श्रालोचना कहलाता है ।” नयदि यह परिभाषा आधी ही रदती अर्थात गुण दोष विवे-
बन तक ही सीमित रहती तो सवेमान्य नहीं. हो सकती थी 1
गुणदोष विक्चन की शैली प्राचीन और एकाज्जी हैं। पर जक॑
उस के बाद अपने मत प्रकट करने का प्रश्न श्राता है तंब परिभाषा
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