हिंदी की छोटी पुस्तक | Hindi Ki Chothi Pustak

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
2 MB
कुल पष्ठ :
236
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)प्रत्येक ९५ हाथ कंची है । गुंवनफे नोने दीचोंबीय
दो समाधि हँ । ताजमदडऊे याहरझी चोभास भीत-
रपी शोभा आधिरू समोदर है । भोतरकी दौंवालों मेअनिय रंग दिगंगे यदइस्प पत्थरों लटफर देलपूटेपरू फूल आदि घनाये गये एं शोर अत्यन्त पौदटसे
टुरानरी जायतें भी लिखी गई हैं । इसे ईसा झफ”
नदी मामक एव फारीगरने दनाया था, और दिय-
जारीक फामम लिगन नगर आामारनद्सों ने सहा-
यहा दो दी । रमफे लातिरिक तारिरपान, परशिया
दिएी, पंजाद, थीर पटक अनेक फारीगर काम
फिपा परतेये । जयपुर आर राजइनानेसे संगमरम-ररा पप्यर संगदापा जाता था । एक गले लंच और
एुर गन ५1६ संगमर्सरके परदर टरूडबा भु्य
० हे नारननपराजास पलटा पत्यर संगरदमा९६० प्ातियग गजरे भाइस लाता था. झंपर चीनये
मातिदग यम ५६० ) के भायस रसटिक परदर मेंगायासावा था । पाइन हरा सार दपदाइसे पद्म
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