प्राकृत साहित्य का इतिहास | Prakrat Sahitya Ka Itihas

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
20.19 MB
कुल पष्ठ :
902
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)विषय-सूचीपहला अध्याय
भाषाओं का वर्गीकरण. दे-डेर
भारतीय आयमभापायें ० ।मध्ययुगीन भारतीय '्ार्यभाषायं.. ४ ,प्राकृत और सस्कृत प्र
आकृत और अपगेश द
प्राकृत भापायें १०-१९
प्राकृत श्वौर महाराष्ट्र १२प्राकृत भापाओ के प्रकार १४-३२पालि और श्रशोक की घमलिपिया १४ .भारतेतर कृत १५४
इघसा गधी १६
शौरसेनी ०
महाराष्ट्री ्ढ
ये #पशार्ची २७ य
मागघी २९दूसरा अध्यायजैन आगम-साहित्य ( ईसवी सन
के पूतव शवी शताब्दी से
ईसबी सन की ५४वीं शताब्दीतक ) ३३-१४९
जेंन श्ागम द्द
तीन चाचनाये ३६
यम की भाषा श्
श्ागमों का महत्त्व १, आगमों का काल हि
द्वादशांग छ४-१०४
श्रायारग दर' सूयगडग ध््व' ठाणाग भ्र्पू' समवाथाग द्क. वियाइपण्णत्ति न! नायाधम्मकहाश्यो ७८। उचासगदसाओं ८५। व्मन्तगडदसाओं ८
व्णुलरोवचाइयदसाश्रों थ्०! पण्हवागरणाइं २, विवागसुय दर' दिटठिवाय थ्&' द्वादश उपांग ए८प्नरर
उचवाइय १०६४! रायपसेणइय १०७। जीवाजीवामिगम १११। चन्नवणा १५२। सूस्यिपन्नत्ति ११४ं जम्बुद्दीवपन्नत्ति ११४। चन्दपन्नत्ति ११७। निरयावलिया अथवा कप्पिया ११८
कप्पवडसिया १३११
पुश्फिया १२१
पुष्फचूला १२९
चृण्टिद्सा १९९
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