वयं रक्षाम | Vayam Raksham Purvardh

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
16.62 MB
कुल पष्ठ :
586
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)हूँ कं
में रंग दिया है। फिर भी यह इतिहास-रस का उपन्यास नहीं “श्रतीत-रस'
का उप्यास है । इतिहास-रस का तो इसमें केवल रंग है, स्वाद है
श्रतीत-रस का । श्रब श्राप सारिए या छोड़िए, श्वापको श्रख्तियार है 1
एक वात श्रौर, यह मेरा एक सौ तेईसवां ग्रन्थ है । कौन जाने, यह मेरी
अंतिम कलम हो ।. में यह घोषित करना श्ावश्यक समकता हूँ कि मेरी
कलम श्रौर सें खुद भी काफी घिस चुके हैं । प्यारे पाठक और लगुदृदस्त
सित्र यह न भ्रूल जाय॑ं |
दिल्ली-शहादुरा
२६ जनवरी १४१३
श्ञानघाम-प्रतिष्दान
| -पेतुरसीम
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