अनासक्ति योग | Anasakti Yog
श्रेणी : धार्मिक / Religious, हिंदू - Hinduism

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Add Infomation AboutMohandas Karamchand Gandhi ( Mahatma Gandhi )
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4.32 MB
कुल पष्ठ :
354
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
No Information available about मोहनदास करमचंद गांधी - Mohandas Karamchand Gandhi ( Mahatma Gandhi )
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)११त्यागशक्ति पैदा करनेके लिए ज्ञान चाहिए | एक
तरहका ज्ञान तो वहुतेरे परिडत पाते हैं । वेदादि
उन्हें कर होते हैं । परन्तु उनमें से अधिकांश
भोगादिमें लीन रहते हैं। ज्ञानका अति्रिक
शुष्क पांडित्यके रूपमें न हो जाय, इसलिए गीता-
कारने ज्ञावके साथ मक्तिको मिलाकर उसे प्रथम
स्थान दिया है । बिना मक्तिका ज्ञान नुकसान
करता है । इसलिए कहा है, “भक्ति करो, तो ज्ञान
मिल ही जायगा ।” पर भक्ति तो 'सिरकी बाज़ी'
है, इसलिए गीताकारने भक्तके लक्षण स्थितप्रश्केसे
बतलाये हैं ।तात्पय यदद कि गीताकी भक्ति चाह्माचारिता
नहीं है, अंघन्रद्धा नहीं है। गीतामें बताये उपचारोंका
बाह्य चेष्टा या क्रियाके साथ कम-से-कम सम्बन्ध
है । माला, तिलक और सर्व्यादि साधनोंका भले
ही भक्त उपयोग करे; पर वे मक्तिके लक्षण नहीं
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