वेदान्त पुष्पांजलि : | Vedant Pushpanjali

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Vedant Pushpanjali by रूपकुमारी देवी - Roop Kumari Devi
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पुस्तक का साइज़ :17.42 MB
कुल पृष्ठ :640
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रूपकुमारी देवी - Roop Kumari Devi

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भभिका ः द् दूर कर देती थीं । विशेष करे श्री अध्यापिको गडूण्देवी जौ को मैं इस लिये ऋषिनी हैं कि उन्हों से मुझे घ्रह्मदशैन करवाया गौर मैं उन की कुपा से जटतब्गद का तरव समझने लगी । जच से सुभे अमेद ज्ञान हुमा तथ से जो मानन्द अुभ्से घाघे छुआ उस के पहले घन आानिस्द कभी नहीं मिछा था । अतः नमः परमर्घिस्य व नमाइध्यापिकाय 4 यह कह ऋर इस भूमिका का समाप्त करता 1 ईतिं सुंभमूधाते पनलेड्को-- अ रूपकुमारी देवों ज्षयपुर्नगराघीश खघाई रामंखिद ४. 6. 0. 8. 1. की सद्दधसिमणों तथा शी १०८ थुम मेजर जनरल सर सब माघवसिद देख सरपति _फ. ७ 8. 3. ७. ए . द. ऊं 9 ए. ४.0 0. छ. 2. ते. 1. जी करे माता चल्यान जयपुर सं १६७८ फार्तिक मास १३ अक्तूबर सन्‌ शु६५१ ई० ष




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