टॉड राजस्थान | Tod Rajasthan

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Tod Rajasthan by बाबू रामदीन सिंह - Babu Ramdeen Singh
लेखक :
पुस्तक का साइज़ : 14.34 MB
कुल पृष्ठ : 745
श्रेणी :
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बाबू रामदीन सिंह - Babu Ramdeen Singh

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5. उ गवर्मेशट का राजदूत कनल पामर पडिले जिस भागे से गया था उस का एक उत्तम नक्शा डॉक्टर हूंटर का बनाया हुआ मिस्टर मर्सर के पास था। उस मैं उस भाग का कुछ अंश नाप कर खगोल निरीक्षा से झागरा नवर दतिया फांसी भोपाल सारंगपुर उज्जेन बूदी कोटा रामपुरा और वयाना के स्थान नियत किये हुए थे । टॉड सादिव बड़े साइसी और अपने मुल्य समय को सदा किसी न किसी उपयोगी काम में व्यत्तीतत करने चाले थे इस चास्ते उन्हों ने आ्ागरे से उदयपुर के लिये प्रस्थान करने के दिन से ही पैमाइश की सामग्री संभाली और डॉक्टर हूटर के नियत किये हुए स्थलों को आधार भूत मान कर वे पैमाइश करते हुए सच १८०६ इं० के जून महाँने में उक्त राजदूत के साथ उदयपुर पहुंच । झागरे से उदयपुर तक चलते चलते केवल अपने विद्याचुराग से जो काम उन्हों ने किया उस के चविपय में मि० मसर ने लिखा दे कि लेफ़्टनरट टॉड ने झपने शरीर की अस्वस्थता और पैमाइश की सामग्री उत्तम न होने पर भी मार्ग की पैमाइश का काम पूर्ण परिश्रम के साथ ऐसा अच्छा किया हे कि उत्तम रीति से पैमाइश होने पर भी उस में सुधार शायद ही हो सके । उदयपुर तक पेमाइश कर लेने के चाद टॉड साहिच की इच्छा हुई कि राजपूताना घोर




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