अमरीका का परिचय | Amarika Ka Parichaya

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3.82 MB
कुल पष्ठ :
74
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)नई दुनिया के डाक्टर १३' पढ़ाई के ढंग भी वहाँ और हैं। प्ातःकाल से पढ़ाई
आरम्भ होती है। मास्टर-आरम्भ में कोई राष्ट्रीय गीत या
कद्दानी या किसी विद्वान का कोई शिक्षाप्रद लेख पढ़कर
सुनाता दे । यह्द लेख, कविता.या. कहद्दानी अधिकांश में वद्दी
होती है जो लगभग अमेरिका का प्रत्येक बालक जानता है ।
उनका राष्ट्रीय गीत हमारे यहाँ के पंडित रूपनारायणश पारडेय-
लिखित :-- ....“यह प्यारा देश दमारा-सारी दुनिया से न्यारा ।”
से बढुत कुछ मिलता-जुलता है। क्या तुम्हें भी रद्द गीत
याद है ?नन्दू--जी हाँ ! याद है ।
डाक्टर साहब--ख़ेर, अब आऔओर उन लड़कों का हाल सुनो ।स्कूल का अधिकतर समय ६ से ४ बजे शाम तक होता
है। १२ से एक तक खाना खाने की छुट्टी होती दे । इस
थोड़े से समय में लड़के इधर-उधर खुज्ी दृवा में खेलते
हैं। इससे यद्द लाभ होता दे कि लड़कों का जी पढ़ाई
से ऊबता नहीं है और उनके मस्तिष्क भी नहीं थकते ।
लड़कों के लिए खुली दवा में खेलने के अतिरिक्त और '
कोई दूसरा ढंग इतना लाभदायक नहीं है । इस खेल-
कूद के समय में भी उनका मास्टर उनके साथ रहता
है जो उस समय एक मास्टर के रूप में नहीं वरन्
एक साथी के रूप में होता है। यद्द मास्टर उनके साथ
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