हनुमान बाहुक | Hanuman Bahuk

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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१३ श्रीरामदूर्त शरयूं प्रपथ श्री वीर भगवान्‌ यन्त्रस्वरूप ग्राणप्रतिष्ठा विधि इस यन्त्रराजको स्वण या चाँदी या तास्रपत्रपर कराके अथोत्‌ खुदवाकर सिंहासन या लाल वस्त्रपर स्था- पित करके श्र सरयू या गंगाजलसे कुश द्वारा माजंन करे। फिर श्रीयन्त्रराजके मध्यम दाहिने हाथका अँगूठा घरकर प्रतिष्ठाका यह मन्त्र पढ़े आं हीं कोंयंरलंवंशरंपंसं हूं सः अस्य प्राण इद्द प्राणा पुनः उन झां हीं क्रोयंर लं वंश पंसंहंसः अस्य सर्वेन्द्रयिणि चाद_ सनस्त्वकू चच्ु श्रोत्र जिह्दा घाण पाणि पाद पायूपस्थानि इद्दैवागत्य सुख चिरं तिप्रन्तु स्वाहा ॥ 5 मनो जूतिजु घता साज्यस्य बद्दस्पतियंज्ञ- सिसं तनोत्वरिष्टं यज्ञ समिमन्द्घातु विश्वे देवा स इदमादयां- मो प्रति्ठ प्रघान पीठादि यन्त्ररूप देवता सुप्रर्तिषिठो




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