जैन दिग्विजय पताका | Jain Digvijay Pataka
श्रेणी : जैन धर्म / Jain Dharm

[adinserter block="2"]
लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
3 MB
कुल पष्ठ :
88
श्रेणी :
यदि इस पुस्तक की जानकारी में कोई त्रुटि है या फिर आपको इस पुस्तक से सम्बंधित कोई भी सुझाव अथवा शिकायत है तो उसे यहाँ दर्ज कर सकते हैं
लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)[ थ ]
इति ( सत्यासत्यनिर्णय ) जैनदिश्विजय पताका अन्थ की भूमिका संपूणी ।
यदि कोई प्रमादवश इस अंथ में लेख दोष हुआ हो तो सुधार के पढ़ें चार
मुझे क्षमा करें । *
आप सर्व का कृपामिलाषी-मैं उपाध्याय श्रीरामलाल मणि?
परोपकारार्थ इसे अन्थ का संग्रह कर पक्षपात
रहित भव्य जीवों के अथ इस को
अर्पश करता हूँं। श्रीरस्तु ।
.. कल्याणमरतु ।
इस अ्रन्थ का सर्व हक स्वायत्त रवखा है. सरकारी ऐन से रजिस्टर्ड
कराया है कोई थिना आज्ञा न छापे ।
User Reviews
No Reviews | Add Yours...