किरातार्जुनीय महाकाव्य | Kiratarjuniya Mahakavya
श्रेणी : काव्य / Poetry, संदर्भ पुस्तक / Reference book
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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
14 MB
कुल पष्ठ :
522
श्रेणी :
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लेखक के बारे में अधिक जानकारी :
पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)क्राताजुनीय महाकाव्य थे श्लोकों पी सूची
यदवोचत चीछूप
यदात्थ काम भवता
या विद्द्वाति हृत
यदि प्रमाणीकतमार्थ
यदि मनसि शम: किमस
यमनियमकृशीटत
यया समासादित
यशसेय तिरोद्घन्मुहू
यशो5धिगन्तु घुल
यप्ट्मिन्छुसि पितृ न
यरिमननन श्वर्यकृत
य: करोतिं चघोदर्का
य. सर्वेपामावरीता
या गम्या, सत्यसह्ायाना
यातस्प अधिवतरस
युक्त, प्रमाचसि हिंता
युक्ता: रचशक्त्या मुनय,
युयुत्सुनेव कबच
येनायविद्सलिल,.
योग च त योग्यतमाय
पोपिंत: पुलरुरोधि
योपिदुद्नमनोमय
र्छोमि नुरमनुजः
रणनीपु सलतनरत्य
ग्झितरा ने विधिधा
रणाए लपन प्रदिशन्निय
सर्य
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३४.
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७
श्लोक सख्या
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