राजस्थान की अर्थव्यवस्था | Rajasthan Ki Arthavyavastha

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Rajasthan Ki Arthavyavastha by लक्ष्मीनारायण नाथूराम - Lakshminarayan Nathuram

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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ही राजस्थान की अर्थ व्यवस्या 1991 के लिए 15 राज्यों में साक्षरता-अनुपातो की तुलना करने पर राजस्थान की स्थिति काफ़ी नीचे आती है। बिहार को स्थिति भी इस दृष्टि से काफी पिछड़ी हुई है लेकिन महिला-साक्षरता का अनुपात राजस्थान में बिहार से भी थोडा नीचा है। 1991 में बिहार में महिला-वर्ग में साक्षता-अनुपात 22 9% रहा, जबकि राजस्थान मे यह केवल 204% ही रहा । अत राजस्थान को महिला * वर्ग में साक्षरता बढाने को दुष्टि से विशेष प्रयास करना होगा। (2) क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान की स्थिति! - क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान का भारत में द्वितीय स्थान आता है। 31 मार्च 1982 को भारतीय सर्वे विभाग से प्राप्त सूचना के आधार पर राजस्थान का क्षेत्रफल 342 2 हजार वर्ग किलोमीटर था जो भारत के कुल क्षेत्रफल का 10 43% था। क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्य प्रदेश का प्रथम स्थान आता है जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 13 50% है। राजस्थान के अन्य पडौसी राज्यों की स्थिति क्षेत्रफल कौ दृष्टि से इस प्रकार है भारत के क्षेत्रफल का अश (%) भारत में स्थान गुजएतत 59 रे हरियाणा 135 16 उत्तरप्रदेश 897 4 इस प्रकार राजस्थान का क्षेत्रफल भारत के बुल क्षेत्रफल का 10 4% (लगभग 1/10 है जबकि गुजरात का 6% तथा उत्तर प्रदेश का लगभग 9% है। क्षेत्रफल को दृष्टि से ऊँचा अनुपात होने के कारण ही राजस्थान राज्यो कौ ओर किये जाने वाले केन्द्रीय वित्तीय हस्तातरणो में क्षेत्रफल को एक आधार के रूप में शामिल किये जाने पर सदैव बल देता रहा हैं हालांकि केन्द्र ने अभी तक इसे स्वीकार नहीं किया है। राज्य के शेन्रफल को दूसरी विशेषता यह है कि 11 मर जिली मे कुल क्षेत्रफल का 60 प्रतिशन से अधिक अश पाया जाता है जबकि इन जिलों में 40 प्रतिशत जनसख्या ही निवास करती है। ये जिले अशवली पर्वतमाला के परिचम में थार मरुस्थल में पाये जाते हैं। यही कारण है कि राज्य को अर्थव्यवस्था तथा इसके निवासियों को मिस्तर सूखे व अभाव की विभीपिकाओ से जूझता पड़ता है। व डणाद सििटाड हैिठए घिबडबच्पप्जा 1992 (088 बफिज रवि 1993) फ 86




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