राजर्षि अभिनन्दन ग्रन्थ | Rajarshi Abhinandan Granth

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Book Image : राजर्षि अभिनन्दन ग्रन्थ  - Rajarshi Abhinandan Granth
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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जीव नी-खण्डगाधीजी के विचारसदेयप्रणासदयुभ कामन।!स्वतन्त्रता-सग्राम के निर्भय सेनानी हमारे नेताखड़े भार्डभारतीय सस्कृति के प्रतीक जय कामना जयी 'हिन्दी के लिए सतत सघर्ष अद्वितीय महापुरुषप्रेरणा के स्त्रोतराष्ट्रभाषा के महान नेता कर्मय्ोगी टडनजीगाघीजी के समान रचनात्मक राजर्पि नही, महर्षिअअजादी के सच्चे उपासकएक समर्पित जीवनदेश श्रौर हिन्दी के लिए वरदान चिरस्मरणीय सेवाएंसद्‌गण। के समद्रजिन्हे प्राय गलत समभा गया राधास्वामी सम्प्रदाय के बुजुर्ग पारसी, निस्पुही श्रौर सेवान्ती रारजाण करा जीवम-दर्गततप्त काचन के समानशादर्थ चरित्र और उदारसना भीष्म पितामह के प्रतिरूपत्चुक्रमणिकामहान्मा गाघीराष्ट्रपति डा ० राजिन्द् प्रसाद राप्ट्रकवि सैशथिलीवारण गुप्त श्राचा्ये विनोवा भावेडा? सर्वपल्ली राधाक़प्णन श्री गोविन्दवल्लभ पन्‍्तश्री जवाहरलाल नेहरू श्री श्रनन्तदायनस झ्य्यगार श्री रामघारीसिह दिनकर ' श्री नरहरि विष्णु गाडगिल श्री सदादिव कान्होजी पाटिल श्री जगजीवन रामश्री घनव्यार्मासिह गुप्तश्री सम्पूर्णानन्दश्री विचिनब्नारायण दाम शी श्रीघ्रकाडाश्रीमती उमा नेहरूश्राचार्य कृपनानीश्री राहुल साक़त्यायन श्रीमती सुचेता क्रपलानी श्री रामनरेया जिपाठीश्री वियोंगी हरिश्री गरुचरनदास मेहताश्री गोविन्ददासश्री वनारसीदास चतुर्वेदी काका कालेलकरश्वी सुन्दरलासनश्री श्रीमन्तनारायणन्च्यन््छ 9 /् उडीन 0नौ+ ४ ८ ९ ह रा ही ६) «2 «९ ७ +,७. 0. «एल. «0 6 हा # 9 (७ 0 .७ ७ 1 ७ 2 लत ,न! 10 रीराजधबि अभिनन्दन ग्रन्थ




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