जैन मार्ग परिचय | Jain Marg Parichay

Book Image : जैन मार्ग परिचय  - Jain Marg Parichay
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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धर्म के आदि प्रकाशकसूर्य पेश के सूप ये पू्नीय इस पगत में पा दोई है तो य मात्र आरटित परमा मा ही हैं । भय सर साटि प्रबाशद भी बे ही हैं एयोंविं डिस भर्प था प्रदाधन परना है, इद धर्म अनीप्ट्रिप है, अोध्ट्रिप धान को पारा बने धाले महापुरतर ही उसे उस स थे स्वरूप में दान साय है। जा धर्म बे साधते दस अपपा शान मं सदन, दे धर्म थे दिपय में जितने अनुमान रूगाते हैं दे मारप में हो सच्य होने रे, उसमे भी पोई सच्चा अउुमान प्राप 1 घागा ही हो उसदा बाय मी अदीन्द्रिप हानि द्वारा ग्रदाटित पिय गये एटार्ों था साहुपू ऊदा एरएस से शुआ परिपष हैं, बर्पोधि धर्स था दाम्तदिद उपर डा प्रदाश्स हो धर्म दे पस्ए थी साझादू टन ऊँ शानन दाद हा बर सब हे, इसमें दिसा में मी दो मठ पहीं हो सदठे ।थी ईप शमन इ इदनादुसा स्‍से ऊडिय बारी एटत होते हे शो एम थे रद ६ सहर डन पे दर भी सबने हैं, तर्शार उसे धरा हुए हैं ४४ शनरससर्जों हद रिंग रा इस प्रइपर झंदगइव इसने




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