श्री माधव चंचलाक्षी | Sri Madhva Chanchlakshi

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Sri Madhva Chanchlakshi by कौशलेन्द्र बली - Kaushalendra Bali

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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10 कद श्प्‌ कीन्हों चपल मधुर रस पान ॥ सुम्दर रूप सुलोचन चंचल नयनन भाव अलोकन चंचल मादक सरल प्रलोभन चंचल चंचलता रसखान ॥ कानन कुण्ड्ल ड़ोलन चंचल डोलन झाँई कपोलन चंचल गोलहिं गाल सुकोमल चंचल निश्छल लजत अजान ॥ कोमल अधर मनोहर चंचल हर्षित तरल सरोवर चंचल छलकत प्रीत पयोधर चंचल मदन मंद मुसकान ॥ मोर मुकुट दल पल पल चंचल लहरत फहरत अंचल चंचल नूपुर गुंजन हलचल चंचल चंचल मुरली तान ॥ देख्यो हरि नर्तन जब चंचल रूप रासि छवि पायो ** कौशल'' चंचल रूप धरथों जब अविचल चंचल चित्त उफान ॥




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