पर्वतीय राज्यों की राजनीति में भूटान | Parvatiya Rajyon Ki Rajniti Mein Bhutan
श्रेणी : साहित्य / Literature

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
4 MB
कुल पष्ठ :
196
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)15माता-पिता के अतिरिक्त कुछ एसे सदस्य हैं जिनसे मेरा निरन्तर विगर्श होता
'रहा है घाहे विषय सामाजिक हो या राष्ट्रीय या अस्तर्राष्ट्रीय । निरन्तर विचार
विमर्श करने की प्रक्रिया ने मुझे अधिक शिक्षित किया है । इसके लिए हॉँ.
सुरेश मिथधा (माई) अध्यक्ष इतिहास विभाग राजकीय महाविद्यालय, श्रीगंगानपर
हों. भार, एन. चतुर्वेदी, हा. उमेश चतु्ेदी (रीडर-इतिहास विभाग-राझ-
स्बान बि. वि. जयपुर) डा. बार. एस मिश्रा (इतिहास विभाग-राम, वि.
वि. धयपुर) के योगदान महत्वपूर्ण हैं ।भावनात्मक दृष्टि से निरन्तर जीवट बनाये रखने के प्रयास में मेरे सबसे
छोटे घाचाजी श्री धमेंगोपाल चतुर्वेदी (एडवोकेट) भरतपुर के प्रति फऋणी हू
भिके सहज तथा सरन व्यवहार से एक अलौकिक प्रेरणा मिलती रही है।लेखक डा० भार. के. वशिष्ठ (वरिष्ठ प्राध्यापक फैकल्टी शॉफ फाइनभाटंस) राज. वि. वि. जयपुर) के प्रति आभारी हू जिन्होंने बार-बार शाप्रहू
कर टिन्दी पांडुलिपि को उचित प्रकाशक तक पहुंचाने में मदद की ।-लशार. सी. एम.
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