देव -दूत | Dev - Dut

55/10 Ratings. 1 Review(s) अपना Review जोड़ें |
Book Image : देव -दूत  - Dev - Dut
[adinserter block="2"]

लेखक के बारे में अधिक जानकारी :

No Information available about रामचरित उपाध्याय - Ramcharit Upadhyay

Add Infomation AboutRamcharit Upadhyay

पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

(Click to expand)
शी[१२] जिस भारतमें भ्रूप तुम्हारा देवराज भी जाता है, भिक्षुक सा जाकर वह उसके आगे कर फेलाता है । फिर क्यों हिचकोंगे निज मनमें, जानेसे तुम देव, वहाँ, नरदेवोंके देव मिलेंगे तुम्हें विज्ञ भूढेव वहीँ ॥(१३) हाँ पर जानिके पहले तुम कर लो हिन्दीका अभ्यास, क्योंकि उसीमें करना होगा तुम्हें हदयके भाव-विकाशा । भारतके वह सब भागोंमें बोली, समझी जाती है इससे वहाँ राष्-भाषा भी देव, वही कहलाती है ॥




User Reviews

No Reviews | Add Yours...

Only Logged in Users Can Post Reviews, Login Now