राजस्थान का प्राविधि आर्थिक सर्वेक्षण | Rajasthan Ka Pravidi Arthik Sarvekshan

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
5 MB
कुल पष्ठ :
162
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)[ १४. प
उदून्ययसिंचाई:---सिंचाई के कार्यकारी वर्ग के श्रनुमान के झनुसार दूसरी योजना के श्रयूरे
कार्यों को पूरा करने शोर नए कार्यों को हाय में लेने पे कुल व्यय ३१५ बरोड़ रपये होगा ।
वितरण व्यवस्या में बुवार करने पर ग्रतिरिक्त व्यय करना होगा । इस समय १३ लाये
एकड़ कृपि सूमि में बुधार की श्रावइ्यकता है। सात लाख एफड़ घ्रलिरिक्ता शूमि में
श्रौर सिंचाई होने लगेगी । कुल मिला कर ३० लाख एकड़ भूमि पर जल पित्तरण दे.
लिए नहरों को पक्की करने में लगभग ४० करोड़ यपये की लागत ट्ोगी। अ्रवुमान
लगाया जाता है कि राजस्थान नहर पूरी होने तक प्रति सिचित एकड़ ४४ रपया सर्थ
होगा । १९७०-७१ के निंचित क्षेपफल को ध्यान में रखते हए बल दुल लागत £८ करोड़ यपये
पढ़े गो । इस प्रकार सिंचाई के साबनों के विकास पर कुल खर्च १९१, करोड़ रपये होगा ।
उत्ादव:--कपि विभाग के ्रदुमान ने तीसरी योजना पर झुल १८ करोड़
रुपये खर्च होंगे । १० वर्प के समय में दुल खर्चा ४५ करोड़ रुपये हो जावेगा । इसके
भ्रतिरिक्त विकास बंडों में कृपि योजनाओं पर ९.३ लाख रपये व्यय-होते का
झनुमान है |
यदि भूमिगत जल सर्वेक्षण से श्रततिरिक्त सिंचाई कर सकता संभव हुग्रा तो कुों
द्वारा सिचाई की योजना पर श्रीर श्रधिक लागत लगानी पड़ेगी
इसके अतिरिक्त राजस्थान नहर क्षेत्र में कपि विकास के लिए इस काल में €
करोड़ रुपये की श्रावश्यकता पड़े गी । इस प्रकार इस मद पर कुल खर्च ६३.३ करोड़
रुपये वेठेगा |
स्रतिरिक्त व्यय:--पाली में पेकेज प्रोग्राम चालू कर दिया गया है, लहां समुविय
प्रसार सेवासों, व्यापारिक सुविधात्ों गोदामों श्रौीर जल व्यवस्वा का प्रावपान किया गया
है । सारे राज्य में १६७०-७१ तक ऐसी ही चुविधायें उपलब्ध दरने में १०४.६ करोड़ रपये
व्यय श्रावेगा । इसमें गोदाम, संग्रहण, श्रावास शरीर यातायात सुविधाशों का सर्च भी
शामिल है । इसके श्रप्तिरिक्त ग्राम मुखियांग्रों की कृपि शिक्षा पर ०.६२ फरोए गपये
श्रौर ग्रामीण बालकों के माध्यमिक छृपि थ्रिक्षा पर २ करोड़ दपये उदुव्यय होगे ।
विभिन्न प्रयोगात्मक कार्यों; से क्षणों न्नादि पर दे करोड़ रुपये व्यय होने का स्नुनान टू ।
किसानों द्वारा नियोजन-- सब १६६१-४३ के फात में ७६ ता
एकड़ में प्रौर खेती होगी । वंजर भूमि को सती योग्य चनाने श्रादि पर ६८० ययये प्र
एकड़ की दर से ७६ करोड़ रुपये का नियोजन होगा । इसी प्रकार रासायनिक याद
कारखानों पर ४२ करोड़ रुपये का नियोजन हांगा 1 श्रतुमान टू कि सब्य के ६९९ दे
करोड़ रुपये के नियोजन पर किसानों को १३०.४ करोड़ रपये पार नियोजित परत
पड़॑ंगे ।न मे ध्ति एयफट मद लगा यम हा
चण;: राजस्थान महर मोम में पति एफ सर सपय सन बन मयसा था ्िही
शभ्रावदयकता होगी । अन्य शेत्रों में ऋण का सनुमान पदल साधन हो. घापर पर श्प
रुपये प्रति एकड़ मान फर लगाया जा सकता टू। इन मार पद
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