देश - दर्शन | Desh Darshan (baramaa,sitambar - 1939, San’khyaa-4, Varshh-1)

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लेखक :
Book Language
हिंदी | Hindi
पुस्तक का साइज :
9 MB
कुल पष्ठ :
134
श्रेणी :
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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश
(Click to expand)भागों में देवदार और बांस के पेड़ होते हैं। देवदार से
ही राल और तारपीन मिलती है ।बरमा के अत्यन्त गरम और झत्यधिक वर्षा वाले
प्रदेश में रबड़ के पेड़ उगते हैं । रंगून, टनासिरम और
टौंगू के पास रबर के बहुत से बगीचे लगाये गये हैं ।
रबर के पेड़ के निचले भाग की छाल को काटकर प्याला
रखने की जगह बना लेते हैं । खड़ का सफेद गाढ़ा रस
इसी प्याढे में टपकता रहता है। फिर यह इकट्ठा कर
लिया जाता है ।( १२ )
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