सम्पूर्ण गांधी वाङ्मय भाग 25 | Sampuran Gandhi Vangmay Bhag 25

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Sampuran Gandhi Vangmay Bhag 25 by महात्मा गाँधी - Mahatma Gandhi

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पुस्तक का मशीन अनुवादित एक अंश

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जे #छ>> 6६.न 6९ (6. ८श्२ १३ श्द् श्ध श्घ श्७ श्ट रू ० २१ नरपरेविषय-सुचीभूमिकाआभार पाठकोको सूचना चिभ्र-सूचीपनवसुमती पण्डितकों (१६-८-१९२४)पत्र राधा गावीकों (१६-८-१९२४) मलावार सकट-निवारण (१७-८-१९२४) शिक्षक और चरपेंको थिक्षा (१७-८-१९२४)टिप्पणियाँ मौलाना घौकत अली काय्यिवाडमे , तकलीकी उपयोगिता, राष्ट्रीय स्कूलामे दण्ड-नीति, क्या वे राक्षस थे? , अस्त्यजीके प्रति तिरस्कार, अन्त्यज स्कूलों की कमी , करुणाजनक, सहानुभूतिका अभाव परदेगी बनाम स्वदेगी खाँड, काठियावाडम खादी-प्रचार, [ अमरेलीसादी-कार्यालय (१७-९-१९२४) गावीजीके लिए या देखके लिए * (१७-८-१९२४)क्षमा-प्रार्थना (१७-८-१९२४)प्चतार एन० एच० वेलगॉँववालाकों (१९-८-१९२४ या उसके परचात्‌ ) टिप्पणियाँ पहली किस्त , अली भाइयोका हिस्सा, आचार्य गिडवानी, मन्दिरो- की पविश्नताका भग, नेटाछके भारतीय , केनियाका फैसला (२१-८-१९२४)अजमेरके यातायात अधीक्षकको (१८-८-१९२४)चोल्नेविज्म या आत्म-सयम * (२१-८-१९२४) चक्तिका अपव्यय * (२१-८-१९२४)अन्त करणकी आडमे (२१-८-१९२४)मार्गकी कठिनाइयों (२१-८-१९२४) हन्णियोकी सहानुभूति (२१-०८ १९२४)पत्र पत्र भेंट पत्र पत्र पत्रघनग्यामदास बिडलाको (२१-८-१९२४) घनज्यामदास विडलाको (२२-८-१९२४) हिस्दू-मुस्लिम एकतापर (२९२-८-१९२४) जमनालाल वजाजकों (२३-८-१९२४) भवानी दयालकों (२३-८-१९२४)अव्वास तैयवजीको (२३-८-१९२४)भाषण मजदूरोकी सभा, अहमदावादमें (२३-८-१९२४) पहली परीक्षा (र२४-८-१९९४)पृष्ठर्१ रे १२ श््दश्र १९ २१ २ श्द रद २९ - हु ३१ देश देर ३२ दे च्दे




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